देहरादून जनपद के विकासनगर पछुवादून क्षेत्र की ज्यादातर आबादी रेत बजरी के कारोबार से जुड़ी हुई है दूसरे शब्दों में कहें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों (विशेषकर पछुवा दून क्षेत्र) की एक बड़ी आबादी सीधे या परोक्ष रूप से खनन (Mining) कारोबार, स्टोन क्रशर, और उससे संबंधित परिवहन (ट्रांसपोर्ट) से जुड़ी हुई है।

सीधे तौर पर कहा जा सकता है कि यमुना नदी और आसपास के क्षेत्रों में नदी तल (River Bed) से रेत, बजरी और बोल्डर का खनन यहाँ की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।खनन गतिविधि स्थानीय लोगों के लिए, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, रोजगार का एक बड़ा जरिया है। इसमें स्टोन क्रशर प्लांट, खनन पट्टे (mine sites) पर काम करना, और खनन सामग्री का परिवहन करना शामिल है। ढकरानी क्षेत्र में वैधानिक रूप से स्वीकृत स्टोन क्रेशर और खनन पट्टों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिला है सैकड़ो बेरोजगार युवाओं ने खनन सामग्री परिवहन के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली और डंपर बनाए हुए हैं जिससे यह लोग अपने परिवार का भरण पोषण अच्छे से कर पा रहे हैं । खनन व्यापारियों ने करोड़ों रुपये का निवेश कर सरकार से सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की हैं। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि राज्य सरकार को भी भारी मात्रा में राजस्व प्राप्त हो रहा है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

चिंताजनक बात तो यह है कि क्षेत्र में खनन का कारोबार पूरी तरह शासन और प्रशासन की निगरानी में पूर्ण मानकों के तहत किया जा रहा है जिला खान अधिकारी की टीम की निगरानी में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है अवैध खनन कार्यों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती रहती है लेकिन फिर भी कुछ असामाजिक और शरारती तत्व बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के भ्रामक और झूठी अफवाहें फैलाकर अपने निजी स्वार्थ को हल करने के चलते शासन प्रशासन को गुमराह कर इस पूरे सिस्टम को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। इन अफवाहों के कारण न केवल व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि खनन कारोबारी में भी असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ही क्षेत्र में रोजगार की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी, ऐसे में जो अवसर बन रहे हैं उन्हें इस तरह की नकारात्मक गतिविधियों से नुकसान पहुंचाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। युवाओं में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था:
विकासनगर को अक्सर पछुवादून क्षेत्र का व्यावसायिक केंद्र माना जाता है, जहाँ खनन एक प्रमुख उद्योग है। विनियमन (Regulation): उत्तराखंड सरकार इन क्षेत्रों में खनन गतिविधियों को नियमित करती है। कई बार अवैध खनन की खबरें भी आती हैं, जिस पर प्रशासन और खनन विभाग लगातार कार्रवाई भी करता हुआ दिखाई देता है।
जनता की मांग:
विकासनगर का जनमानस अब एकजुट होकर प्रशासन और सरकार से मांग कर रहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, जो भी लोग जानबूझकर झूठी अफवाहें फैलाकर विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह मामला सिर्फ व्यापार या खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और प्रदेश के राजस्व से जुड़ा हुआ है। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन इस तरह की भ्रामक सूचनाओं को नजरअंदाज कर निजी स्वार्थ हल करने के लिए क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के कार्यों में बाधा पहुंचाने का प्रयास करने वालों पर तत्परता दिखाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रोजगार कर रहे युवाओं के भविष्य और वैध रूप से खनन का कारोबार करने वाले व्यापारियों की व्यापार में सुरक्षा सुनिश्चित करें।

