विकासनगर के बाढ़ वाला में अमलावा नदी पर एक रिवर ट्रेनिंग का खनन पट्टा आवंटित हुआ है जिसमें सभी मानव को और नियमों को दरकिनार करते हुए पट्टे का संचालन किया जा रहा है।
पट्टा स्वामी उक्त खनन पट्टे की आड़ में पट्टे की सीमा के बाहर पूरी नदी से दिन रात जमकर आवैध खनन करवा रहा है। नदी में सीमांकन पर पिलर ना लगवाने की वजह से खनन कार्य करवाने के लिए स्वीकृत खनन पट्टे की भूमि का कोई अता पता नहीं है खनन पट्टे पर सूर्य उदय से सूर्य अस्त तक और सूर्य अस्त से सूर्य उदय तक पोकलैंड मशीन का इस्तेमाल कर खनन कार्य किया जा रहा है जबकि नियम यह है कि खनन पट्टे पर सूर्य अस्त से सूर्य उदय तक किसी भी प्रकार का कोई खनन कार्य नहीं किया जा सकता बावजूद इसके पट्टा स्वामी खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों को सूर्य अस्त के बाद का रवन्ना काटकर दे रहा है।
नदी से खनन सामग्री भरकर निकलने वाले वाहनों को बिना तोल कांटा किये निकाला जा रहा है एक रवन्ने पर सभी वाहन आवैध रूप से ओवरलोड खनन सामग्री भरकर दिन रात जला लिया बैरियर जंगलात चेकपोस्ट के नीचे से होकर कंयी-कंयी चक्कर लगा रहे हैं,खनन पट्टे से सूर्य अस्त के बाद 8:30 बजे तक के रवन्ने कटे हुए देखने को मिले पर यह सब ना किसी को कुछ दिख रहा है और ना ही देखने की प्रयास किया जा रहे हैं। इस सबसे सवाल खड़े होते हैं स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशाली पर।
सभी मानकों की धज्जियां उड़ाकर खनन पट्टा किया जा रहा संचालित, रात के अंधेरे में पोकलैंड मशीन से किया जा रहा खनन
