News India24 uk

No.1 News Portal of India

खनन का काम बंद होने से व्यवसाय से जुड़े लोग भुखमरी की कगार पर, बिना किसी नोटिस के पोर्टल बंद और मनमाना जुर्माना लगाने के आरोप

देहरादून- माननीय मुख्यमंत्री जहां प्रदेश के विकास रोजगार और राजस्व को बढ़ाने के लिए और युवाओं के रोजगार मुहिया कराने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं जहां तक उनके प्रयास सफल भी हो रहे हैं प्रदेश खुशहाली की ओर बढ़ रहा है लेकिन वहीं विभाग में बैठे कुछ छोटे अधिकारी अपनी कार्यशैली के चलते सभी प्रयासों पर पलीता लगाने का काम कर रहे हैं ऐसा लगता है कि उक्त अधिकारी विपक्ष से मिलकर विपक्ष की नीतियों के अनुरूप कार्य कर सरकार की छवि धूमिल करने का कार्य कर रहे हैं।

विभागों में बैठे उच्च अधिकारी भी माननीय मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन कर रहे हैं खनन विभाग के डायरेक्टर प्रदेश में जहां 300 करोड़ के राजस्व को बढ़ाकर 1200 करोड़ तक पहुंचा कर अवार्ड से सम्मानित भी हो रहे हैं वही दूसरी और विकासनगर तहसील क्षेत्र अंतर्गत खनन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए वर्ष 2025-26 काले अध्याय की तरह है खनन व्यापारियों के वैध रॉयल्टी भुगतान के बावजूद पोर्टल बंद होने और लगातार छापेमारी से वैध खनन कारोबार ठप हो गया है। बताया जा रहा है कि जब से वर्तमान जिला खान अधिकारी ने चार्ज संभाला है उस दिन से अगर यमुना नदी के किसी भी खनन पट्टों के रिकॉर्ड की जांच कर ली जाए तो मात्र 20 दिन से ज्यादा किसी भी खनन पट्टे पर कार्य नहीं हो पाया है। इससे न केवल ट्रक मालिकों और पट्टा धारकों, बल्कि इस व्यवसाय से जुड़े हजारों मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।

व्यापारियों ने पहचान उजागर न करने की बात कहते हुए आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना उनके पोर्टल बंद कर दिए जाते हैं जिला खान अधिकारी महोदय मनमाना जुर्माना ठोकर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं लाखों करोड़ों रुपए सरकार के खाते में रॉयल्टी के रूप में जमा करने के बावजूद उनको व्यवसाय नहीं करने दिया जा रहा है। जिससे महोदय जी के कार्यकाल में मात्र अब तक पूरे कलसी बाडवाला से लेकर आसननदी के आवंटित खनन पट्टों पर मात्र 20 दिन से ज्यादा कहीं भी कार्य नहीं हो पाया है ऐसे में उनके साथ-साथ व्यवसाय से जुड़े निम्न स्तर के व्यक्ति के आगे परिवार की रोजी-रोटी जुटाने का संकट खड़ा हो गया है। वहीं कुछ व्यापारी का आरोप है कि जिला खान अधिकारी महोदय क्षेत्रवाद की भावनाओं को रखते हुए कार्य कर रहे हैं यदि आरोपी में जरा भी सत्यता है तो यह एक बेहद ही शर्मनाक और चिंता विषय है।

वैध कारोबार बंद होने का सीधा लाभ अवैध खनन करने वालों को मिल रहा है, जो आम जनता से निर्माण सामग्री (रेत-बजरी) के लिए मोटी रकम वसूल रहे हैं। इससे सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।क्षेत्र में वैध तरीके से काम करने वाले खनन व्यवसाय से जुड़े लोग बेहद ही आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं परिवार के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है यहां तक की ट्रैक्टर मालिकों के आगे किस्त देने के लाले पड़ गए हैं 6-6 महीने की किस्तें टूट गई है फाइनेंस कंपनी वाले ट्रैक्टर उठाने के लिए घूम रहे हैं ट्रैक्टर वालों का कहना है कि उन्होंने पहले ही 10-10 परसेंट पर ब्याज पर पैसे लिए फिर बैंकों से ट्रैक्टर फाइनेंस कराया है अब वह ट्रैक्टरों की किस्त दे या ब्याज की किस्त दे या फिर अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी का इंतजाम करें बेहद ही स्थिति गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है। जहां 400 से 500 गाड़ियां रोजाना खनन सामग्री भरकर रॉयल्टी रवन्ना लेकर क्षेत्र से निकलती थी वही यह 400 से 500 गाड़ियां अन्य राज्य हिमाचल प्रदेश में लगे क्रेशर जॉन में शिफ्ट हो गई है इससे प्रदेश के व्यापारियों के साथ-साथ सरकार को भी राजस्व में भारी नुकसान हो रहा है।

पारदर्शी मॉनिटरिंग: छापेमारी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए यदि कोई शिकायत प्राप्त हो तो उसके लिए व्यापारियों को जवाब देने के लिए नोटिस तामीर कराया जाए और कोई भी अनियमितता या कुछ अवैध पाए जाने पर सरकार द्वारा निर्धारित राशि का जुर्माना लगाया जाए ना की मनमर्जी से पोर्टल बंद कर जुर्माना ठोक दिया जाए ताकि वैध व्यापारियों को परेशान न होना पड़े। इस प्रकार की कार्यशैली से उनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है।

error: Content is protected !!